चमक उठेगी गुरू की पावन नगरी – गुरुग्राम, 6 मार्च को

सुंदर घर, सुंदर नगर, साफ गाँव और साफ सुथरी धरती, किसे नहीं पसंद आते। लेकिन क्या हम वाकई अपने जीवन उन उसूलों पर चलते हैं, जिससे आस पास का वातावरण, हमारी गलियां, शहर, बाग बगीचे, साफ और सुंदर रह सकें?

एक मिसाल नेकी की

जहां एक तरफ लोग कूड़ा करकट फैलाने से पहले सोचते तक नहीं, पर्यावरण के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेवारियों को नहीं समझते, वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी नेक दिल लोग हैं, जो दूसरों का फैलाया कूड़ा उठा कर अपने देश को स्वच्छ व रोगों से मुक्त रखना चाहते हैं।

इनके बुलंद हौसलों के बदौलत हुए हैं कई शहर साफ

लाखों की तादाद में बसों से, ट्रेनों से और हवाई जहाजों से देश के कोने कोने से आते लोग, हाथों में झाड़ू, चहरों पर मुस्कान और दिलों में जोश। यह कोई फिल्म का या कोई काल्पनिक चित्र नहीं है। यह है हकीकत उन लाखों नेक दिल सेवादारों की, जिनका एक ही लक्ष्य है – हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप।

डॉक्टर हो या इंजीनियर, पायलट या बिज़नेस वाला कोई, औरत या मर्द, बच्चा या बुज़ुर्ग, समाज के हर वर्ग, हर उम्र के ये लोग अपने खर्चे पर आते हैं और डट कर सफाई करते हैं।

चाहे बंद पड़े सीवेज की सफाई हो, नालों को साफ करना हो, कूड़े के ढेरों को उठाना हो, पब्लिक टॉयलेट की सफ़ाई, बस स्टैंड, स्टेशन, या सालों से इकठ्ठा होता मलबा; अपने बुलंद हौसलों के बदौलत मात्र कुछ ही घंटों में यह सब साफ कर दिया जाता है और सफाई के बाद इकठ्ठा किया गया कूड़ा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन को गाड़ियों द्वारा शहर से हटा दिया जाता है।

देखते ही देखते, एक लहर की तरह शहर के हर कोने को ये लोग चमका देते हैं, जिसे देख कर वहां नागरिक अपने दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं।

सन्न 2011 से अब तक ऐसे 32 महा सफाई अभियान हो चुके हैं।

Cleanse the planet Earth, to remove Diseases and Curse

आखिर क्या है इनका मकसद

  • इन सफाई अभियानों का पहला मकसद है कि कोई भी हमारे देश को डर्टी इंडिया न कह सके, हमारे देश को एक साफ और सुंदर देश कहा जाए।
  • सफ़ाई अभियानों के द्वारा लोगों को सफ़ाई के प्रति जागरुक करना। अनेक लोगों ने इन सफ़ाई अभियानों से प्रभावित हो अपने वातावरण को स्वच्छ रखने का प्रण किया है और प्लेज फॉर्म भर कर वादा किया। इन अभियानों द्वारा लाखों लोग जागरुक हुए हैं।
  • कचरे से फैलने वाली बीमारियों व संक्रमणों को रोकना। जब दिल्ली जैसे शहर को मात्र कुछ घंटों में साफ कर दिया गया तो उसके बाद डेंगू और अन्य संक्रमणों का होना काफी हद तक कम हुआ, जो अपने आप में बेमिसाल था।
  • इन सफ़ाई अभियानों में से एक था पवित्र नदी गंगा, जिसे गंगा मैया कहा जाता गई, उसे साफ करना।
  • इस सफ़ाई की लहर के चलते प्रधान मंत्री मोदी जी ने भी स्वच्छ भारत अभियान चलाया और पूरे देश को सफाई के प्रति जागरूक किया।

अगला सफाई अभियान पवित्र नगरी गुरुग्राम में
इसी श्रृंखला में आने वाली 6 मार्च को पावन नगरी गुरुग्राम में महा सफ़ाई अभियान किया जाएगा, जिसके चलते डेरा सच्चा सौदा के सेवादार देश के कोने कोने से आकर इस महायज्ञ में अपनी सेवा की आहूति डालेंगे।

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जब 2016 में गुड़गांव का नाम गुरुग्राम किया गया था, तब शायद किसी नही सोचा था कि वक्त के गर्भ में क्या छुपा है।

किन्तु यह राज़ उजागर हुआ 7 फरवरी 2022 को, जब करोड़ों लोगों के गुरू संत डा० गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने 21 दिनों की फरलो मिलने पर गुरुग्राम में अपने पवित्र चरण टिकाए। इस गुरु के ग्राम में गुरुजी 21 दिन रहे और इस धरती को और भी पावन कर दिया।

भारतीय कानून का बेहद सम्मान करने वाले गुरूजी इस दौरान अपने अनुयायियों से नहीं मिले और न ही नामचर्चा घर से बाहर निकले। प्रेम और वैराग से सराबोर उनके करोड़ों अनुयायियों ने भी प्रेम और अनुशासन का परिचय दिया और अपने शहरों में रहते हुए मानवता भलाई के कार्य करते रहे।

अभूतपूर्व स्नेह को सेवा का रूप देते हुए, इन अनुयायियों ने गुरुग्राम की पवित्र धरा को साफ करने के लिए सफ़ाई अभियान की अनुमति का अनुरोध किया और अनुमति के अनुसार 6 मार्च को यह अभियान किया जाएगा।

शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता इन शिष्यों को आस्था को।

6 मार्च को दुनिया एक बार फिर देखेगी, जब उमड़ेगा आस्था का यह जनसैलाब, जब गुरु शिष्यों के पवित्र प्रेम की मिसाल एक बार फिर देखने को मिलेगी, एक बार फिर निस्वार्थ सेवा की लहर उठेगी और एक बार फिर करोड़ों अपने प्रेम के जज़्बादों को मानवता भलाई का रूप देंगे।

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