Flood covered northern India

डेरा सच्चा सौदा: बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए समाजसेवी संतों की अनमोल भूमिका

बाढ़ ने उत्तर भारत को कवर किया

इस समय उत्तर भारत में हो रही भारी वर्षा की वजह से सभी नदियां उफान पर हैं  | 6  राज्य बाढ़ से पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं | खासकर  हरियाणा , पंजाब, उत्तर प्रदेश , दिल्ली व अन्य राज्यों में बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका है|हजारों गांव पानी की चपेट में आ गए हैं | लाखों लोगों को अपना घर छोड़ कर  दूसरी जगह शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है | बाढ़ की वजह से किसानों की सभी फसलें नष्ट हो चुकी हैं | लोगों के सामने इस समय अपना जीवन यापन करने के लिए बहुत बड़ी समस्या आन खड़ी है | 

सरकारी और सामाजिक प्रबंधन

Government and Social Management

सरकार के द्वारा किए जा रहे सभी प्रबंध बोने  साबित होते नजर आ रहे हैं | काफी NGO  भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आए हैं |  सभी लोग बहुत तेजी के साथ लोगों की सहायता कर रहे है | 

डेरा सच्चा सौदा के सेवादार उपस्थिति

Dera Sacha Sauda Sevadar Attendance

देखने में आ रहा है कि  डेरा सच्चा सौदा के सेवादार आफत मे  राहत लेकर के लोगों की हर संभव सहायता के लिए आगे आए हैं  | डेरा से  जुड़े सेवादार  हजारों की संख्या में इकट्ठा होकर के टूटे हुए बांधों की मरम्मत कर रहे हैं | कुछ सेवादार बेघर हुए लोगों को खाने  व जरूरत का सामान देकर उनकी सहायता कर रहे  है | डेरा के कुछ सेवादार 6 से 7 किलोमीटर पानी के अंदर नाव के द्वारा जाकर वहां पर फंसे हुए लोगों को निकालकर उनकी जान बचा रहे है | कुछ सेवादार पानी में फसी गायों को बाहर निकाल कर उनकी जान बचाकर इंसानियत की अनोखी मिसाल पूरी दुनिया के सामने पेश करी है|

डेरा सच्चा सौदा: सेवा की अनोखी मिसाल

सेवादारों से बात करने पर पता चला कि ऐसी सेवा करने के लिए इन्हें संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सा ने कहां है | हर आफत में राहत देने का काम हमेशा डेरा सच्चा सौदा हर समय करता रहा है |  इस तरह की सामाजिक सेवा के अनेकों उदाहरण समाज के सामने हैं |

संत जी की बहुत ज्यादा जरूरत

सोचने वाली बात है कि  अगर संत जी समाज में होते तो हजारों की जगह करोड़ों सेवादार बाढ़ पीड़ितों की हर संभव सहायता के लिए दिन रात एक कर देते | इस बारे में सभी सरकारों को अवश्य ही सोचना चाहिए कि आज हमारे समाज को ऐसे समाजसेवी संत जी की बहुत ज्यादा जरूरत है | 

धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *