विदेशी फूलों से सजी रोहतक सुनारिया

जेल परिसर में लगाए गए 100 से अधिक वैराइटी के देशी व विदेशी किस्म के फूल व पौधे । 2 महीने से उगा रहे थे वहां रहने वाले कैदी ।

  • 49 एकड़ में बनाई गई है सुनारिया जेल , जिसके हर कोने को फूलों से महका दिया है । मौसमी व सदाबहार फूलों की खुशबू से आ गई है बाहार ।
  • जेल के मुख्य गेट से लेकर आखरी छोर तक अलग अलग फूलों की क्यारियां लगाई गई है ।

जेल प्रशासन ने नए किस्म के बीज व पौध उपलब्ध कराई

रोहतक की सुनारियां जेल में आज अलग ही नजारा दिखाई दे रहा है। हर तरफ देशी व विदेशी फूलों की सुंगध से पूरा जेल परिसर महक रहा है। जेल परिसर में सौ से अधिक तरह से रंग बिरगें देशी व विदेशी फूल जेल की खूबसूरती बढ़ा रहे है। जेल में लगाए गए फूलों पर 50 से अधिक कैदियों की मेहनत रंग लाई है ।

इन कैदियों ने दस दस घंटे से अधिक समय तक फूलों के उगाने में मेहनत की है। आज नजारा ऐसा है कि जेल के मुख्य द्वार से लेकर अंतिम छोर तक फूलों की सुंगध से सुनारिया जेल महक रही है

जिसमे अलग अलग तरह की क्यारियों में फूलों को बीजा गया है । जेल प्रशासन ने मौसम को देखते हुए फूलों के  अलग अलग किस्म के बीज व पौध उपलब्ध कराई है और अब इनकी

देखभाल के लिए अलग से कैदियों की डयूटी लगाई गई है। बताया जा रहा है कि जेल के इस नजारे को लेकर अब जेल प्रशासन ने बकायदा प्रदर्शी लगाने का भी विचार कर  रहा है और इसके लिए आला अधिकारियों  से चर्चा की जाएगी।

इससे पहले भी जेल में इस तरह की क्यारियां में फूल पौधे लगाई गए थे , लेकिन पहली बार विदेशी फूलों  से जेल परिसर सजाया गया है ।

जिसमे अगल अलग किस्म के फूल जैसे गेंदा, गुलाब, गुडहैल, नरिगस, गुलबहार, गुलखेरा, बंसती गुलाब, मोतिया वनफूल, चम्पा, गूलमोहर, चमेली, खसखस, रात की सूप अत सन गुलदाउदी, गुलाबी गुलाब, आर्किड, बबुने का फूल डालिय आदि सामिल है ।

इनकी देख भाल के लिए 50 कैदियोंं की टीम बनाई है और जेल को एक तरह से सेक्टरों में बांट कर कैदियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है । जिन कैदियों ने इस कार्य को किया है । जेल प्रशासन उनको प्रशंसा पत्र भी देगा । जिनकी कड़ी मेहनत से जेल का नजारा ही बदल गया ।

आज हर कोई उसे देखने के लिए उतावला है। इसी को देखते हुए जेल प्रशासन फूलों की प्रदर्शनी लगाने पर भी विचार कर रहा है और इसके लिए जेल के अधिकारियों से सम्पर्क किया जा रहा है । अभी भी इन फूलों की देखभाल के लिए अलग अलग कैदियों की टीम देखभाल कर रही है।

जेल अधीक्षक सुनील सांगवान का कहना है कि कैदियों ने खूब मेहनत की है और जिसका परिणाम यह है कि आज 49 एकड में फैली जेल का फूल व पौधों की वजह से अलग ही नजारा है ।

खबर 4 मार्च 2020 दैनिक सवेरा टाइम्स से

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