Five Top Secrets To A Successful Marriage

विवाहित जीवन के राज

आज की फास्ट लाइफ का प्रभाव जिंदगी और रिश्तों पर कृछ ऐसा पड़ा है कि पूरा माहौल ही बदल गया है । लोगों की सोच बदल गई है।

ईमानदारी , निष्ठा भी अब कम ही देखने को मिलती है। सब को अपनी ही पड़ी रहती है। ऐसे में क्या शादी जैसा अहम रिश्ता भी अब स्वार्थ के आगे उतना अहम नहीं रह गया? तलाक की बढ़ती सख्या चौकाने वाली है। हर तीसरे चौथे घर में यहीं सुनने को मिलेगा कि पति पत्नी में नहीं पटी, नतीजा है कि वे अलग हो गये। आखिर देखभाल कर, देख परख कर शादी करने के बाद भी क्यों नहीं पति पत्नी प्यार से रह पाते हैं।
एक खूबसूरत जिंदगी को शादी और भी खुूबसूरत बनाती है लेकिन शादी एक जिम्मेदारी भी है। अपने रिलेशन हैल्दी रखने के लिए कुछ मूलभूत बातो को अपनाना जरूरी है। कुछ सीक्रेट्स है, जिन्हें अगर जान लें तो टकराव के अवसर कम हो जाएगे।

सबसे जरूरी बात है – वायदा

यह मैरिड लाइफ का आधार माना जा सकता है। एक दूसरे का हर हाल में साथ निभाने का वादा ही इस बंधन को मजबूती प्रदान करता है। आपसी विश्वास बनाये रखता है। अगर वायदा ही न हो, तो शादी लिव इन रिलेशन बन कर रह जाएगी।

पति गृहकार्यों में मदद करें

आज जब महिलाएं घर बाहर दोनों के काम कर रही हैं, उन पर काम का बोझ भी बढ़ गया है। ऐसे में जरूरी है कि पुरूष भी गृहकार्यों में मदद करें। इससे उनमें प्यार बढ़ेगा। पत्नी को लगेगा कि पति उसकी केयर करते हैं और घर में शांति रहेगी।

दोनों अपनी ड्यूटी निभाएं

मैरिड लाइफ कामयाब बनाने हेतु पार्टनर्स को अपनी अपनी ड्यूटी का अहसास होना चाहिए। केवल अधिकार जताने भर से काम नहीं चलेगा। किसी भी बड़ी समस्या का समाधान करना दोनों का फर्ज है। इसी तरह अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए छोटी- छोटी बातों से अपने प्यार का इजहार कर रोजमर्रा के जीवन में खुशियां लाना भी इस रिश्ते की कामयाबी का सीक्रेट है ।

बहुत आशाएं ठीक नहीं

यह तो नहीं कहा जा सकता कि आप अपने लाइफ पाटर्नर से किसी भी तरह की कोई आशा ही न करें। आखिर जो सबसे निकट होगा, उससे ही तो आशा की जाती है। लेकिन ध्यान रहे कि यह सीमा में हो और संभव भी हो। कोई भी व्यक्ति पूरी तरह आदर्श पति नहीं हो सकता । एक दूसरे की बढ़ोत्तरी में मदद करें, यही बड़ी बात है। कुछ कमियों को नजरअंदाज कर स्वीकृत मान कर चलने में ही भलाई है।

संचार टूटने की स्थिति न आए

होता क्या है, गरमागरम बहस झगड़े के बाद कई बार दोनों पार्टनर्स में मनमुटाव रहने लगता है। यह झगड़े का हल नहीं है। इससे तो गलतफहमियां और बढ़ेंगी। बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए। अगर कोई बात आपको कचोट रही है तो अंदर ही अंदर न घुटें बल्कि खुल कर सभ्यतापूर्ण तरीके से अपनी बात कहें।अक्सर दोनों के बीच दूरियों का कारण कम्युनिकेशन गैप ही होता है। रिश्ता जोड़े रखना है तो खामोश न रहें, अपनी बात जरूर कहें पर सही तरीके से कहें, गुस्से में तो कभी नहीं।

संस्कारी मन

अच्छे संस्कार होंगे तो शादी को पवित्र बंधन मानकर ही चलेगा मैरिड कपल। जरा-जरा सी बात पर वे एक दूसरे को तलाक की धमकियां नहीं देंगे। न ही वे तेरा मेरा करते हुए अपने बैंक अकाउंट अलग मेंटेन करेंगे।
रिसर्च से पता चलता है कि नैतिक मूल्यों को तरज़ीह देने वाले संस्कारी कपल आसानी से जुदा नहीं होते। उनके साथ रहने की संभावना ज्यादा रहती है। उन्की पॉजिटिव सोच आपसी विश्वास को दूटने नहीं देती। पति को भले वे भगवान न माने परन्तु संस्कारी पत्नी उसे आदर सम्मान जरूर देती है। इसी तरह पति भी उसे गुलाम न समझ घर की मालकिन, होम मिनिस्टर मानकर चलता है तो कभी भी उनके बीच तनाव व झगड़ा नही होगा ।

जरूरी बात

जब भी किसी एक को गुस्सा आये तो ठंडे पानी का गिलास राम का नाम जप कर पी ले गुस्सा एक दम गायब हो जाएगा ।

डॉ ब्रह्म सिंह चौहान ।

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