real story

प्रीत के सच्चे प्यार की एक अनोखी कहानी

जब प्यार सच्चा था तो प्रेमी किसी और से प्यार क्यों करने लगा ??

नमस्कार दोस्तों
आज जो कहानी मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो मैंने अपनी प्रत्यक्ष आँखों से देखी है । मेरा नाम प्रीत है और मैं ग्वालियर में रहता हूँ दोस्तो आज मेरी उम्र 40 वर्ष है। जब मैं 12th क्लास में पढ़ता था तो बोर्ड के पेपर खत्म होने के बाद मैं अपनी मौसी, जो दिल्ली के दरिया गंज में रहती थी
उनके पास छुट्टियां बिताने गया था मैंने उनके पड़ोस में एक खूबसूरत लड़की देखी और मन ही मन उसको पसंद करने लगा ।

दोस्तो कुछ समय बाद मेरी उसके साथ दोस्ती हो गई और मैं उसके ख्यालों में रहने लगा । कुछ समय बाद मेरी छुट्टी खत्म हो गई और मैं वापिस अपने घर ग्वालियर आ गया ।घर आकर मुझे उसकी बहुत याद सताने लगी और मैं उसके ख्यालों में जीने लगा ओर मैं मन ही मन उससे प्यार करने लगा।

3 वर्ष बाद मौसी के लड़के की शादी के प्रोग्राम में मैं दिल्ली गया । मैंने उस लड़की के बारे में पता किया तो मुझे पता चला कि उसकी शादी हो गई है,मुझे ये सुनकर बहुत दुख हुआ लेकिन क्या कर सकता था उसके बाद मैं वापिस अपने घर ग्वालियर आ गया । फिर कुछ समय बाद मेरी भी शादी हो गई और मेरे 2 बच्चे हो गए ।

लेकिन उस लड़की की याद मेरे दिल मे अभी भी थी । 6 वर्ष बाद अचानक किसी काम से मुझे दिल्ली आना पड़ा जब मैं मौसी जी के यहां गया तो वो लड़की मेरी मौसी के घर पर ही थी मैं उसे देख कर बहुत खुश हुवा और हाल चाल पूछे उसके बाद वो वहां से चली गई । उसके बाद मेरी मौसी ने उसके बारे में बताया कि इस लड़की की स्थिति बहुत खराब है । अभी कुछ समय पहले इसके पति का देहांत हो गया है और ससुराल वालों ने इसे झगड़ा व मार पीट करके वहां से निकल दिया । बेचारी बहुत दुखी है और यहां आई तो इसकी भाभी ने इसका जीना दुस्वार कर रखा है । रोज इसके साथ लड़ाई करती है, इतनी बात सुन कर मेरा दिल कांप गया कि इतनी सुंदर लड़की और इसका जीवन नर्क बन गया,
अगले दिन मैंने उससे बात की तो वो तेज तेज रोने लगी। और अपना दुःख बताने लगी उसकी बातें सुन कर मुझे भी रोना आ गया । मैं भी उसके साथ रोने लगा।

TheFactEye,Prem Kahaniदोस्तो ऐसा दर्द मैं जीवन मे पहली बार सुना रहा था । जिसे सुनकर मेरी आत्मा कांप उठी। दोस्तो उसने बताया कि मेरा आत्म हत्या करने का मन करता है, लेकिन क्या करूँ मेरे 2 बच्चे है इन्हें किसके सहारे छोड़ कर मरु ।मैं इतनी पढ़ी हुई भी नही हु की जॉब या अपना कुछ काम कर सकती। समझ नही आ रहा में क्या करूँ , मैं बहुत परेशान हु । दोस्तो उसके दर्द ने मुझे अंदर तक हिला दिया ।ओर मैं बेबस होकर अगले दिन वहाँ से वापिस अपने घर आ गया । मेरी ऐसी हालत थी कि मैं उसकी कोई भी मदद नही कर सका।
उसका दर्द मेरे दिलो दिमाग में ऐसा बस गया जिसे मैं चाह कर भी नही निकल पा रहा था । मैं अंदर ही अंदर ये सोचता रहता था कि

  • अब इस लड़की से कौन शादी करेगा ?
  • कौन इसके बच्चों को पालेगा ?
  • अब ये कैसे जीवन जियेगी ?

मैं रात दिन उसकी सोच में जीने लगा और भगवान से रो रो कर हर रोज प्रार्थना करने लगा । हे भगवान ! आप ही इस लड़की का उद्धार ( सहायता ) कर सकते हो । आप ही सबकी पुकार सुनते हो मेरी भी सुनो ओर इस लड़की का उद्धार करो जी ।

अचानक एक दिन उसका फोन आया । वो बहुत खुश थी और बताया कि 25 जनवरी को मेरी शादी होने वाली है । मेने पूछा लड़का क्या करता है उसने बताया लड़का इंजीनियर है ओर आप शादी पर जरूर आना । उसने ये बता कर फोन काट दिया ।

दोस्तो मुझे बहुत ज्यादा खुशी हुई और मैंने उसकी शादी में जाने की ठान ली मैं 24 जनवरी को ही उनके यहां पहुच गया ।उन्होंने बताया कि हमे आज ही शादी के लिए सिरसा निकलना है । कल शाम को शादी सिरसा में ही होगी । मैं भी तैयार हो कर उनके साथ गाड़ी में बैठ गया और हम लोग सिरसा के लिए निकल गए । मैंने रास्ते मे पूछा कि क्या लड़का सिरसा का रहने वाला ? तभी उसके पापा ने जबाब दिया कि नही लड़का सिरसा का नही है वो गुरुग्राम हरियाणा का रहने वाला है। मैंने तुरंत ही उनसे पूछा कि सिरसा मैं किस जगह पर प्रोग्राम है ? उन्होंने जबाब दिया कि डेरा सच्चा सौदा में ही शादी होगी और वही पर सभी प्रोग्राम है ।

ये बात सुनकर मेरी हालत खराब हो गई और मैं सोचने लगा कि वो डेरा तो बहुत गलत है उसके बारे में मीडिया ने इतना कुछ दिखाया है और ये लोग बाबा जी के डेरा में शादी करने जा रहे है । मेरे दिमाग़ में केवल मीडिया की वो बाते घूमने लगी जो उन्होंने डेरा के बारे में दिखाई थी। ओर मेरे दिमाग मे ये भी बाते आ रही थी कि कही इस बेचारी लड़की के साथ कोई धोखा तो नही कर रहा । कि एक इंजीनियर कवारा लड़का भला इससे शादी क्यों करेगा । मेरे मन मे हजारो स्वाल व विचार दौड़ रहे थे उन सभी बातों को सोच-सोच कर मेरी हालत खराब हो रही थी ।

मैं सोचने लगा कि मैं कही रास्ते मे ही उतर कर वापिस चला जाता हूँ लेकिन फिर उस लड़की के बारे में सोच कर मैं गाड़ी में बैठा रहा और अपने आप को ओर भी सचेत करते हुवे हम लोग डेरा सच्चा सौदा पहुच गए

जैसे ही हम लोग वहां पहुचे तो इतना बड़ा जन सैलाब जिसे देख कर मेरी आँखें फ़टी की फटी रह गई क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ इतने लोग
मैं अपने जीवन मे पहली बार देख रहा था जिसे देख कर मेरी हालत खराब हो गई लाइनों में लग कर ओर अपनी चेकिंग करा कर हम लोग डेरा में अंदर प्रवेश कर गए ।इसके बाद मेरे मन मे मीडिया की दिखाई बाते घूमने लगी जिन्हें सोच कर मैं परेशान था जब हम लोग ओर अंदर गए तो मैने देखा सभी भाई बहन बहुत ही शिष्टाचार से बैठे हुवे है

भाई भाई एक तरफ ओर बहने बहने एक तरफ लाइनों में बैठे हुवे थे और उनका खाने पीने व आराम करने का सिस्टम बिल्कुल अलग अलग था
सभी लोग बड़े प्यार से बोल रहे थे और ऐसे बर्ताव कर रहे थे कि कोई अपना सगा सम्बन्धी भी नही करता मैंने जो भी चीजे वहां पर देखी वो अपने आप मे एक अजूबा ही थी जैसे :-

  • वहां पर सभी धर्मों के लोग एक साथ बैठना
  • वहां का खाने पीने का सिस्टम
  • वहां के बैठने का सिस्टम
  • डेरा का पंडाल
  • वहां की लोगो मे सेवा भावना
  • इंसानियत के लिये जज्बा

हर चीज बहुत ही अलग लग रही थी मैं उन सभी चीजो को बड़ी बारीकी से जांच कर रहा था क्योंकि मेरे दिमाग मे अभी भी मीडिया की सभी बातें घूम रही थी। इसके बाद गुरु जी की स्टेज जो बहुत ऊंची लगी थी उस पर आकर बैठ गए और अपनी बातें बताने लगे जैसे ही उन्होंने बोलना शुरु किया तो मैने भी उन्हें देखने की कोशिश की ओर वो मुझे दिख गए जैसे ही मैंने उन्हें देखा तो मैं एक टक उन्हें देखता ही रह गया गुरु जी के अंदर एक ऐसी अजीब सी कशिश थी जिसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मैं अपनी सुध भूध खो बैठा न जाने गुरु जी ने मुझ पर क्या जादू कर दिया मैं सब कुछ भूल गया और मुझे उनकी बातों में आनंद आने लगा ।

जब मैं उनकी बातें सुन रहा था तो अचानक मेरी आँखों से आंसू निकल पड़े मैं समझ ही नही पा रहा था कि मुझे ये क्या हो रहा है दोस्तो मैं अपनी उस व्यथा को बता नही सकता ।एक और अजूबा मैंने देखा कि उस पंडाल में करोड़ो संगत बैठी थी और एक भी बन्दे आवाज नही आ रही थी सिवाए गुरु जी के, लगभग 3 घण्टे वो प्रोग्राम चला और उसके अंत मे वहां पर 123 शादियां हुई जिनमे आदिवासी , वैश्या की शादी , तलाक व विधवाओं की शादी और आम लड़के लड़कियों की शादी हुई ।ये देख कर मैं ओर भी आश्चर्यचकित हो गया कि कुछ मिनटों में बिना दहेज दिए शादियां हो गई ये तो कमाल कर दिया बाबा जी ने ।

widow second marriage

जैसे ही प्रोग्राम खत्म हुवा तो वो लड़की व लड़का हमारे पास आ गए । मेरे मन मे तो ढेरो सवाल थे मैंने आते उस लड़के पर अपने सवाल दाग दिए
और पूछा ?

सवाल: भाई मुझे सबसे पहले ये बताओ कि आप कितने पढ़े हुवे हो ?
जबाब: उस भाई ने जबाब दिया कि मैं इंजीनियर हूँ और गुरुग्राम में जॉब करता हु मेरा 1250000 सैलरी पैकेज है ।

ये सुनकर मेरी हालत खराब हो गई ओर बिना सोचे अगला सवाल पूछा कि
सवाल: आप इतने अच्छे हो तो आपने 2 बच्चो की माँ इस लड़की से शादी क्यों की ?
जबाब: उस भाई ने जबाब दिया कि मैं इस लड़की से शादी अपने गुरु जी के कहने से की है जी। ओर मैं इसके दोनों बच्चों को भी अपने बच्चे मान कर उनकी सम्भाल करूंगा ।

दोस्तो ये बात सुनकर मुझे रोना आ गया और मैंने उस भाई के पैरों को हाथ लगाने चाहा उस भाई ने मुझे रोक लिया और कहने लगा पैरों को हाथ लगाना है तो गुरु जी के पैरों को लगाओ जिसने हमे ऐसा करने का जज्बा दिया है और वो ही करा रहा है। इतनी बात सुन कर मेरी आँखों से आंसू ओर तेज निकलने लगे क्योंकि मुझे अपनी वो प्रार्थना याद आ गई जो मैं भगवान के आगे रो रो कर उस लड़की के लिए करता था सभी लोग मेरी तरफ देखने लगे कि इसे क्या हो गया ये क्यों रो रहा है । मैंने उनको क्या बताया दोस्तो की कुछ नही बस ऐसे ही आंसू निकल गए ।

दोस्तो मुझे अंदर ही अंदर भगवान के रूप में मिले गुरु जी का धन्यवाद करने लगा और सोचने लगा कि भगवान तो प्रत्यक्ष रूप में धरती पर प्रगट नही हो सकते वो अपने फ़रिश्ते ही भेज कर लोगो की परेशानी दूर करते है । मैं अंदर ही अंदर गुरु जी की बातों को सोचते हुवे उनकी बातों में खो गया।
इसके बाद दोस्तो जब मैं डेरा सच्चा सौदा से बाहर निकला तो मैं मीडिया की उन मन घटन्त बातो के बारे में सोचने लगा कि क्या हमारे देश का मीडिया इतना नीचे गिर गया है जो एक सच को झुठ का जामा पहना कर लोगो का ब्रेन वास् कर रहा है।आखिर ऐसा क्यों कर रहा है ये मीडिया ?

इतनी अच्छी संस्था व इतने अच्छे समाज सुधारक जिनको अमेरिका जैसे महान देश ने वर्ड टॉयलेट डे पर सम्मानित करने के लिए बुलाया है,
उनको क्यों बदनाम किया जा रहा है ? आज भी मैं इस सवाल का जबाब खोज रहा हु दोस्तो अगर आपके पास है जबाब तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे जी ।

सच पूछो तो आज उस लड़की से ज़्यादा मुझे बाबा जी से प्यार हो गया है क्योंकि जिस दर्द का इलाज इस दुनिया में नहीं है उस दर्द का इलाज पूरी तरह से बाबा जी ने किया है इसलिए मैं मरते दम तक बाबा जी से प्यार करता रहूंगा ।

इस कहानी की सत्यता जानने के लिए आप हमें अपनी मेल आईडी कमेंट में लिखे हम आपको प्रमाण भी दे देंगे जी।
आपका दोस्त

Mr Preet

🔥779

13 Comments

  • I am a girl .Me going Dera Sacha Sauda Regularly and listenting Preaching of baba ram rahim ji.
    I have question for Media why not showing the truth of Baba Ram rahim ji and Dera Sacha Sauda. We are 100% safe
    in Dera sacha Sauda never seen and never feel such a disgusting things which media shown

  • Wowww 😊😊amazing thinking👍

  • Humanity is taught at Dera Sacha Sauda. Hats off to Guru G.

  • Waaah !!kmaaal story..salute to guruji and His followers…..

  • .. ये ही तो है सतगुरू जी के रहमत के करिशमें.. सतगुरू के ऐसे प्यारे शिष्यों के जज्बे को सलाम

  • This is called humanitarianism but some self claimed duffers can’t see beautiful things in this world. By the way, Kudos to Baba Ram Rahim for filling such a tremendous enthusiasm in the blood of millions. Hats off to millions of volunteers for such a lovely dedication.

  • कमाल की स्टोरी है पढ़ कर मजा आ गया ।
    आप से उम्मीद करता हु की इस तरह की स्टोरी ओर लिखे जी
    क्या ये सच्ची घटना है या काल्पनिक ?

  • Dr.Lalit Mohan Johri

    (February 1, 2019 - 2:45 pm)

    कोई किसी के काज़ नहीं संवार सकता सिवा ओम हरि अल्लाह वाहे गुरु राम के।कलयुग में संत राम रहीम जी रूहानियत के सच्चे रहबर हैं।
    मीडिया को क्या कहें? मीडिया भी कलयुगी हो गई है।

  • Such a mesmerizing story..
    Only one thing to say
    After reading this story..

    मुझे भी बाबा राम रहीम जी से प्यार हो गया।😊😍

  • Wowww ! Story padh kar believe nhi ho raha kya sach me aisa ho sakta hai. Aj ke time me well educated person aisa kaam kar sakta hai. Mai soch ko salam karta hu us engineer ki. Or baba ram rahim ji ki guidance se unhone ye kaam kiya unko bhi salute karta hu. And mere man me ek sawal hai baba ram rahim ji ke baare me media me bhut kuch dikaya gya unke baare me Usko or es tarah ke fact ko lekar es tarah ka kbhi nhi dekha humne ? Reason ?

  • Wow it is really a very touching story and you know it’s not a story of a single girl but it’s a true story of so many girls and I have also witnessed it in Dera Sacha Sauda. From last 7 years I am visiting to Dera Sacha Sauda and still visiting because I know the things shown by media is not true at all because I believe on my eyes not on media’s “Sutr”………..Proud to be follower of Baba Ram Rahim Ji because He is the only person who always motivates me towards Humanitarian works……..

  • This story will be a true story, I can say reality because i have also visited in Dera Sacha Sauda Sirsa & i saw that many welfare works, Guru Ji is doing.

  • Hats off to Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan…
    Who inspired millions to do humanity

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